किसकी सोच कितनी गंदी है, यह तस्वीरें देखने के बाद पता चल जाएगा |

ये कहना एक दम सही हैं की एक तस्वीर हजार शब्दोके बराबर हुआ करती हैं और इसी वजह से अगर कोई भी किसी तस्वीर को देखने लगता हैं तो उसमे पूरी तरह से खो जाता हैं ।पार काफी ऐसे लोग भी हुआ करते हैं जो की तस्वीर को आकर्षित करने के लिए उसे थोड़ा एडिट करदेते हैं जिस से

कुछ ज्यादा ही अजीब नहीं लग रहा हैं घर का दरवाजा

भाई साहब ये नग्न अवस्था में नहीं हैं, बस नीली पट्टी गलत जगह आ गई.

इस तरिके से पर्दा बांधोगो तो ऐसी ही डिजाइन बनेगी

इन्होने अपने सामान को कुछ अजीब तरिके से ही रख लिया हैं

सच में बहुत गन्दी हैं आप सोच

कभी मिक्की को इतने गौर से नहीं देखा.

क्या सोच रहे हैं जनाब

भाई साहब ये कुछ और नहीं, अंग्रेज़ कुत्ता ही है.

कुछ गलत सोचें, उससे पहले मैं आपको ये बता दूं, ये इसे ऊपर उठाने में सहयोग कर रहे हैं.

अगर आप सोच रहे हैं कि पीछे वाली महिला नग्न है तो जनाब आप गलत हैं. ज़रा ध्यार से देखिए.

इन भाईसाब की कोई गलती नहीं हैं तस्वीर लेने वाली सही तरिके से नहीं ली हैं तस्वीर

अब ये नक्सा बना हुआ ही ऐसा हैं की क्या कर सकते हैं

इन दोनों की इस टाइमिंग ने पूरी तस्वीर बदल दी हैं

अगर इस तस्वीर को देखकर कुछ गलत सोच रहे हैं तो आपकी सोच सही में गंदी है.

ये लो फिर से

ये पानी पिने के लिए और अब क्या सोच रहे हो

आप की जानकारी के लिए बता दे की ये हाथ उन्ही का जिसकी पेण्ट हैं

किताब के पन्ने हैं गलत मत सोचिये

पहली बार इस तस्वीर को देखने पर बहुत अजीब लगेगा

हाथो में हाथ और कुछ नहीं

ये तो आपने पहले भी देखा होगा.

भाईसाब बेग हैं ये इतना दिमाग मत लगाइये

शायद इस तरह का सोफा हर किसी को लेना होगा

पता नहीं लोग भी क्या-क्या बकलोल हरकतें करते हैं.

अरे जनाब मशीन का पुर्जा हैं ये

अगर आपकी सोच गंदी होगी तो ये तस्वीर भी आपको अश्लील लगेगी!

ऐसे ऐसे भी बेग हैं मार्किट में

आईला ये क्या कर रहे हैं ये लोग

जैसे इसके एक्सप्रेशन हैं, उससे तो यही लगता है कि ये बंदा कुछ गलत ही कर रहा है.

जहां ऐसी तस्वीरें हैं वहां गंदी सोच है.

इस मूर्ती को देखकर क्या लगता है.

Sujeeth Goud