एक ऑटोचालक के बेटे ने कबाड़ में पड़े इंजन से बनाई ‘Buggy Car’

एक ऑटोचालक के बेटे ने कबाड़ में पड़े इंजन से बनाई 'Buggy Car' 

मुझे इस बात पर यक़ीन हो चला है की इंसान के हौंसलें बुलंद होने चाहिए, उसी से हर चीज़ हासिल की जा सकती है। इस यक़ीन की वजह मुम्बई शहर में रहने वाले एक ऑटो चालक का बेटा प्रेम ठाकुर है।

मुम्बई जिसे महानगरी, सपनों की दुनिया और जाने क्या-क्या नाम दिये गए हैं।इस महानगरी के लड़के प्रेम ने खुद अपने बल बूते पर एक कार बना ली और हैरत की बात यह है कि प्रेम का इंजीनियरिंग या ऑटो मोबाइल से अब तक कोई वास्ता नहीं है।प्रेम कॉमर्स के स्टूडेंट हैं और उन्होंने कबाड़ में पड़े Sedan के इंजन से खुद Buggy Car तैयार की है। आइये जानते हैं प्रेम की कहानी।

मंज़िले उन्ही को मिलती हैं, जिनके सपनों में जान होती है 

पंखो से कुछ नहीं होता, होंसलो से उड़ान होती है 

यह है मुम्बई में रहने वाले प्रेम ठाकुर

यह है मुम्बई में रहने वाले प्रेम ठाकुर 

यह है मुम्बई में रहने वाले प्रेम ठाकुर जिन्होंने खुद अपने दिमाग़ से ‘Buggy Car’ बनाई है। प्रेम कहते है की “मैं 12 साल का था और मेरे पिताजी ने मुझे कम्प्यूटर ला दिए, तभी से मैंने यू ट्यूब पर वीडियो देखकर यह सीख लिया”।

कबाड़ में पड़े इंजन से बनाई पूरी कार

कबाड़ में पड़े इंजन से बनाई पूरी कार 

हालाँकि मैं खुद विज्ञान की छात्रा हूँ लेकिन कोई इंजन देकर मुझसे कार तैयार करने को कहे, तो मुझे यह नामुमकिन सा लगेगा।लेकिन प्रेम ने सिर्फ Sedan Car के एक इंजन की मदद से पूरी ‘Buggy Car’ तैयार कर दी है। प्रेम ने कार की डिज़ाइन से लेकर कलर तक खुद ही किया है।

साधारण सी पढ़ाई की है प्रेम ने

साधारण सी पढ़ाई की है प्रेम ने 

जहाँ आलीशान स्कूलों में जाकर भी लोग कोई मक़ाम हासिल करने में नाकामयाब रहते हैं, वहीं प्रेम ने साधारण सी पढ़ाई करने के बावजूद भी टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल करते हुए, इस कार को तैयार कर दिया।

MANI